मुहम्मद के सिद्धांत (भारत के सन्दर्भ मैं)

एक हदीस में मुहम्मद कहते हैं कि मैंने जो कहा है उसका यदि १० प्रतिशत भी तुम भूले तो विनष्ट हो जाओगे , फिर मुहम्मद कहते हैं की एक समय ऐसा भी आएगा जब जो मैंने कहा है उसका यदि १० प्रतिशत भी याद रखोगे तो बच जाओगे। ये २१ वीं सदी चल रही है। क्या कहना चाह रह थे पैग़म्बर ? हाँ , यही वो समय है जिसकी वो बात कर रहे थे। क्या है १० प्रतिशत कुरान ? जहां तक मैं इस्लाम को समझ हूँ ५ बातें हैं जो किसी को मुसलमान बनाती हैं।

१। एक ईश्वर है , उसके और बन्दे के बीच कोई नहीं। इसे कहते हैं शहादा । 

२। उस ईश्वर की वंदना यानी नमाज। दिन मैं ५ बार। इसे कहते हैं सलात।

३. ज़कात यानी अपनी आमदनी से कुछ तय प्रतिशत गरीबों को दान। इसे कहते हैं चैरिटी।

४. रमज़ान यानी व्रत।

५ अंत में हज अर्थात मक्का की तीर्थयात्रा। वो भी उनके लिए नाफ़िज़ है जो इसे वहन कर सकें अपने कमाए पैसे से।

इस्लाम के ये मूलभूत सिद्धान्त हैं। बहुत अच्छे हैं। इन सिद्धान्तों का भारतीय संस्कृति से कोई विरोध नहीं। मेरी ख्वाहिश है की हिंदुस्तान के मुसलमान इसको १० प्रतिशत माने जो रसूलल्लाह ने कहे।

याद रखो मेरे मुस्लिम भाई। ..रसूलल्लाह ने कहा था की मैं अरब में हूँ पर मेरा दिल हिन्द मैं है। उन्होंने कहा था की हिन्द से मीठी -भीनी खुशबू आती है। उनके समय मैं हिन्द पर आक्रमण नहीं हुए। उनके परिवार को सिंध के राजा दाहिर ने शरण दी। उम्मयद जोकि उनके दुश्मन थे , उन्होंने मुहम्मद बिन कासिम को भेज सिंध पैगम्बर के बच्चों को मारने के लिए। हसन अली को हिंदुओं ने बचाया यज़ीद से।

मेरे मुसलमान भाइयो हिन्दू का तुम से कोई बैर  नहीं। तुम क्युं उस अरब के पैर  चाटते हो जो तुम्हे अपना गुलाम समझता है ? या अब्दी कहते हैं वो तुम्हें। .मतलब ऐ मेरे दास। अरे तुम्हारे धर्म से हम हिन्दू को कोई समस्या नही। सांस्कृति से तुम हिन्दू हो। अरब को क्यों अनुसरण करते हो ? हिन्दू तुम्हें कहने से मैं तुम्हें राम या कृष्णा का उपासक नहीं कह रहा। तुम मानो अपने अल्लाह और रसूल को , पर सांस्कृतिक रूप से तो तुम इसी भारत की जीवन पढती हिस्सा हो। क्यों भारत के मुस्लिम इंडोनेशिया का अनुकरण करते ? अरब से तुम्हें सिवाय अपमान और ग़ैरत के कुछ न मिलेगा।

कबीर को देखो , सरमद , मेरे , जायसी , बुल्लेशाह इन्हें याद करो। क्यों तुम ग़जनी , गौरी इत्यादि को अपना नायक समझते हो? इन्होंने ही तुम्हारी माताओं की इज़्ज़त लूटी और जबरदस्ती तुमसे इस्लाम कबूल करवाया। क्या बिलकुल नपुंशक हो गए हो ? तुम्हारे पूर्वज हिन्दू थे ,कट्टरपंथी मानसिकता से बाहर आओ , मेरा वादा है हर हिन्दू तुम्हें गले लगाने को तैयार  बैठा है। यदि बगदादी तथा ओसामा बिन लादेन का विचार रखोगे तो याद रखो तुम्हारा ५०० साल का शाशन भी हिन्दू को मिटा न सका। ..यहां महाराणा प्रताप , पृथ्वीराज , शिवाजी, गुरु गोविन्द सिंह , छत्रसाल , रानी दुर्गवती , रानी चेन्नम्मा , और महाराजा रणजीत सिंह की कमी नहीं है। मैं हिन्दू के हर बच्चे को रणजीत सिंह बनाने का संकल्प रखता हूँ।

 

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